मेरे प्यारे भाइयों और बहनों,
77वें गणतंत्र दिवस के इस पावन अवसर पर, मैं दिल्लीवासियों और समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूँ। यह दिन, माँ भारती के उन लाखों, जाने-अनजाने वीर सपूतों के प्रति, अपनी कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा, निर्माण, उसकी प्रगति एवं गौरव के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया। उनके त्याग और बलिदान के कारण ही, आज भारत एक सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में खड़ा है। उनका साहस और समर्पण, हमें सदैव देश सेवा के लिए, प्रेरित करता रहेगा।
इसके साथ ही मैं, सभी संविधान निर्माताओं, विशेष रूप से, संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेंन्द्र प्रसाद, प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. भीम राव अंबेडकर, और संविधान निर्माण की तीन महत्वपूर्ण समितियों के अध्यक्ष,सरदार पटेल के प्रति भी, अपनी कृतज्ञता व्यक्त करता हूँ।
26 जनवरी 1950 को लागू हुआ हमारा संविधान, विश्व का सबसे विस्तृत लिखित संविधान है।हमारे संविधान की प्रस्तावना “हम भारत के लोग” से शुरू होती है। इसमें न्याय, समानता और अनेकता में एकता का भाव निहित है। संविधान की इसी मूल भावना को ध्यान में रखते हुए, हमें अमृतकाल में, भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने का संकल्प, दोहराना है।
बीते आठ दशकों की विकास यात्रा में हमनें, आर्थिक विकास के साथ-साथ, विज्ञान, शिक्षा, खेलकूद और चिकित्सा के क्षेत्र में, अभूतपूर्व प्रगति की है। “एक भारत - श्रेष्ठ भारत” के संकल्प के साथ, मौजूदा वैश्विक परिदृश्य में भी, हमनें अपनी विकास की गति को, कम नहीं होने दिया। यह हमारे एक सौ चालीस करोड़ देशवासियों की लगन, और उनके परिश्रम का परिणाम है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली ने भी, अपनी विकास यात्रा में, तेजी से प्रगति की है। सुशासन, पारदर्शिता, नागरिकों के प्रति जवाबदेही, जनहित के कार्यों में तेजी, और प्रकृति के संरक्षण के साथ विकास, किसी भी सरकार का मूलमंत्र है। सुशासन का अर्थ केवल प्रशासनिक दक्षता नहीं, बल्कि ऐसा शासन है जो संवेदनशील हो, समावेशी हो और नागरिकों की अपेक्षाओं के प्रति उत्तरदायी हो। शासन की सफलता इस बात से मापी जाती है कि अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति भी, स्वयं को सुना हुआ, सम्मानित और सुरक्षित महसूस करे।
आज के डिजिटल युग में तकनीक ने हमें यह अवसर दिया है कि, हम शासन को अधिक खुला, सरल और सुलभ बना सकें। इन्हीं सिद्धांतों पर चलते हुए, हम दिल्ली को विश्व स्तरीय, और समावेशी शहर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
दिल्ली सरकार का यह सतत प्रयास रहा है कि, योजनाएँ केवल कागज़ों तक सीमित न रहें, बल्कि धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू हों। शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, महिला सुरक्षा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्रों में सुधार लाना, हमारी प्राथमिकता रही है। केंद्र और स्थानीय सरकार के सहयोग से, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जो सकारात्मक बदलाव हुए हैं, उन्होंने लोगों के जीवन पर व्यापक असर डाला है।
दिल्ली में विकास कार्यों में तेजी के लिए, 11 की जगह, 13 राजस्व जिले बनाने का निर्णय, इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। प्रत्येक जिले में, मिनी सचिवालयों की स्थापना से, पारदर्शिता के साथ-साथ, शिकायतों के, त्वरित समाधान, शासन तथा कार्यों के निष्पादन में तेजी आएगी, जिसका सीधा लाभ जनता को मिलेगा।
दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली, जैसे दिल्ली मेट्रो RRTS प्रोजेक्ट, और इलेक्ट्रिक बसों से, सड़कों से, वाहनों का बोझ कम हुआ है। इस वर्ष के अंत तक, स्वच्छ ईंधन से चलने वाली लगभग आठ हजार बसों को, डीटीसी के बेड़े में जोड़ा जाएगा, जिससे परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी, और वायु प्रदूषण में कमी आएगी।
अभी कुछ दिन पहले, दिल्ली सरकार ने, Metro Phase-IV के लिए, वर्षों से लंबित, लगभग 3600 करोड़ रुपये release किये हैं। इसके साथ ही, भारत सरकार ने, Metro Phase-5A के लिए लगभग 12,000 करोड़ रुपयों की मंजूरी दी है। इससे 3 नई लाइनों, RK Ashram-Indraprastha, Aerocity-Airport Terminal, तथा Tughlakabad-Kalindikunj, का निर्माण कर, मेट्रो नेटवर्क से जोड़ दिया जायेगा।
नियमों के सरलीकरण, लाइसेंसिग में सुधार, आसान ऋण की उपलब्धता, शिकायतों के जल्द और प्रभावी समाधान, तथा Compulsory Renewal की समाप्ति, से जहां कारोबार में आसानी हुई है, वहीं होटल, रेस्तरां और दुकानों के 24X7 खुलने से, रोजगार, Night Life तथा पर्यटन उद्योग को, बढ़ावा मिला है। इससे लोगों की आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है।
बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, प्रत्येक व्यक्ति का मौलिक अधिकार है। नए अस्पतालों, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, जन औषधि केंद्रों, और राजधानी के पहले ब्रेन हेल्थ क्लीनिक की स्थापना, तथा निःशुल्क हीमोडायलिसिस, से दिल्ली के स्वास्थ्य ढाँचे को बेहतर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इससे मरीजों का किफायती और बेहतर इलाज सुनिश्चित हुआ है। आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को अपनाकर, लाखों लोगों तक इसका लाभ पहुंचाया गया है।
बीते वर्ष में दिल्ली नगर निगम, पारदर्शिता के साथ समस्याओं के त्वरित समाधान, और सेवाओं में सुधार कर, लोगों के अधिक करीब आई है। दिल्ली के कूड़े के पहाड़ राष्ट्रीय राजधानी पर लगे किसी काले धब्बे की तरह हैं। इनको समाप्त करने का कार्ययुद्ध स्तर पर जारी है। हमारा लक्ष्य, दिसंबर 2027 तक इन्हें समाप्त करने का है। मुझे पूरी आशा है कि लैंडफिल साइटों पर बायोमाइनिंग में तेजी, वृक्षारोपण, बायोगैस प्लांट,और वेस्ट टू एनर्जी प्लांट की क्षमता में वृद्धि से, हम जल्द ही, इस लक्ष्य को पाने में सक्षम होंगे।
डीडीए ने, समाज के सभी वर्गों को सुरक्षित, सम्मानजनक और किफायती आवास उपलब्ध कराए हैं। In-Situ Rehabilitation Project के माध्यम से, झुग्गीवासियों को, अपना आवास मुहैया कराकर, गरिमापूर्ण जीवन जीने का सुअवसर दिया है, और Unauthorised Colonies में PM UDAY के माध्यम से, लोगों को उनकी संपत्ति का मालिकाना हक दिया है। आरम्भ लाइब्रेरी और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण से, युवाओं को आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर मिला है।
इसी प्रकार, DDA द्वारा, यमुना के पुनरुत्थान की दिशा में आगे बढ़ते हुए, और उसके बाढ़ क्षेत्र को पुनर्जीवित किया गया है। साथ ही, डीडीए ने हरित क्षेत्र और राजधानी की ऐतिहासिक विरासतों के सरंक्षण से, दिल्ली के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। विगत वर्षों में, डीडीए की आवासीय योजनाओं पर लोगों का भरोसा बढ़ा है, और समाज के प्रत्येक वर्ग पर, इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है।
डीडीए द्वारा विकसित हरित स्थल, आज दिल्ली वालों के लिए, प्रकृति के बीच, साफ हवा में सांस लेने का माध्यम बने हैं। दिल्ली में नए Tourist Destination के रूप में उभरे यह हरित स्थल,आज राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय इवेंट्स की सफल मेजबानी कर रहे हैं।
दिल्ली मेट्रो के चौथे चरण में रिठाला–बवाना–नरेला–कुंडली कॉरिडोर को, केंद्र सरकार द्वारा मंजूरी दिए जाने से, भविष्य में लाखों लोग लाभांवित होंगे। इससे नरेला उपनगर को, एक Education hub, premier आवासीय क्षेत्र, और स्पोर्ट्स सेंटर के रूप में विकसित होने में मदद मिलेगी। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। नरेला में गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, तथा दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय के नए परिसरों के निर्माण से, अधिक छात्रों को उच्च शिक्षा पाने का अवसर मिलेगा।
विगत कुछ वर्षों में दिल्ली पुलिस ने, खुद को तकनीकी रूप से दक्ष, पेशेवर और मानवीय संस्था के रूप में सुदृढ़ किया है। नागरिकों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण, और जवाबदेह बनने के कारण, पुलिसिंग अधिक प्रभावी और भरोसेमंद बनी है, जिससे लोगों के मन में, सुरक्षा की भावना जागृत हुई है।
Crime Mapping, Hot Spot की पहचान, और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की गश्त बढ़ाने से, अपराध में कमी आएगी। संगठित अपराध, अवैध हथियारों, मानव और नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने में भी, काफी हद तक सफलता मिली है।
नशे के खिलाफ Zero Tolerance Policy अपनाते हुए, दिल्ली पुलिस बीते वर्ष, हजारों Kg. अवैध मादक पदार्थों को जब्त व नष्ट करने, तथा नशे के कारोबारियों के खिलाफ शिकंजा कसने में, सफल रही है।
सभी पुलिस स्टेशनों में 24x7 महिला हेल्प डेस्क, विशेष महिला पुलिस चौकी, तथा PCR कॉल्स की उच्चस्तरीय निगरानी से, महिलाओं में रक्षा की भावना बढ़ी है। Himmat-Plus App, तथा “निर्भया” और “नाजुक” योजनाओं के लागू होने से, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिला है। Online Police Verification, तथा Online License System से जहां धन और समय की बचत हुई है, वहीं GPS आधारित पेट्रोलिंग, E-FIR, और बच्चों के लिए “पहचान” डेटा बैंक से, पुलिसिंग, अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जवाबदेह बनी है।
प्रिय देशवासियों,
इस वर्ष गणतंत्र दिवस पर, आइए हम अपने संविधान में निहित न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे के सिद्धांतों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराएं। आइए, हम अपने लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने की प्रतिज्ञा लें, और राष्ट्र निर्माण में खुद को संकल्पित करें।
जय हिन्द!
जय भारत!
THE LIEUTENANT GOVERNOR, DELHI
